In Short:
- Global Fintech Fest 2026 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने UPI के दो नए फीचर्स किए लॉन्च
- UPI Tap & Pay से अब फोन टैप करके पेमेंट किया जा सकेगा, वो भी बिना मोबाइल इंटरनेट के
- ₹5,000 तक के पेमेंट के लिए अब UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं होगी
- MyUPI एक नया AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म है, जो सभी बैंक और ऐप्स के UPI ट्रांज़ैक्शन एक जगह दिखाएगा
- ये फीचर्स धीरे-धीरे रोलआउट होंगे, अगले कुछ महीनों में ऐप अपडेट्स और मशीन सर्टिफिकेशन के ज़रिए
Mumbai में हुए Global Fintech Fest 2026 में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने UPI के लिए दो बड़े नए फीचर्स लॉन्च किए हैं, UPI Tap & Pay और MyUPI। ये लॉन्च NPCI के नॉन-एग्ज़ीक्यूटिव चेयरमैन अजय कुमार चौधरी और बैंकिंग-फिनटेक इंडस्ट्री के कई बड़े नामों की मौजूदगी में हुआ। दोनों फीचर्स का मकसद UPI पेमेंट्स को पहले से ज़्यादा तेज़, सुरक्षित और यूज़र-फ्रेंडली बनाना है।
इस आर्टिकल में:
UPI Tap & Pay: अब सिर्फ टैप करके होगा पेमेंट
पहला बड़ा फीचर है UPI Tap & Pay, जो POS (Point-of-Sale) मशीनों पर कॉन्टैक्टलेस पेमेंट को पॉसिबल बनाता है। इसका इस्तेमाल करने का तरीका बेहद सिंपल है, बस अपने NFC-इनेबल्ड स्मार्टफोन को अनलॉक करें, और उसे किसी NFC-कम्पैटिबल POS टर्मिनल पर टैप करें, पेमेंट तुरंत हो जाएगा।
इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसके लिए आपके फोन में मोबाइल इंटरनेट होने की ज़रूरत नहीं है। ट्रांज़ैक्शन को पूरा करने के लिए फोन का डेटा कनेक्शन नहीं, बल्कि POS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन इस्तेमाल होता है। इसका मतलब है कि कमज़ोर मोबाइल नेटवर्क वाली जगहों पर भी पेमेंट बिना रुकावट के हो सकेगा, जो छोटे शहरों और गांवों में एक बड़ी दिक्कत रही है।
₹5,000 तक PIN-फ्री पेमेंट
Tap & Pay के साथ एक और बड़ा बदलाव आया है, अब ₹5,000 तक के पेमेंट्स के लिए UPI PIN डालने की ज़रूरत नहीं होगी। सिर्फ फोन टैप करते ही पेमेंट कंप्लीट हो जाएगा। अगर पेमेंट अमाउंट ₹5,000 से ज़्यादा है, तो यूज़र को POS मशीन पर अपना UPI PIN डालना होगा। ये पॉलिसी NPCI के मौजूदा फ्रेमवर्क से मेल खाती है, जिसमें पहले से ही ₹5,000 तक के पेमेंट्स के लिए फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन जैसे ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का ऑप्शन मौजूद है।
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MyUPI: एक जगह पर आपकी पूरी UPI एक्टिविटी

दूसरा बड़ा लॉन्च है MyUPI, जिसे UPI Help 2.0 भी कहा जा रहा है। ये एक AI-पावर्ड कस्टमर सपोर्ट और कंट्रोल प्लेटफॉर्म है, जो NPCI के अपने Small Language Model, FiMI पर बना है। MyUPI का मकसद सिर्फ एक हेल्प प्लेटफॉर्म बनना नहीं, बल्कि एक पूरा ट्रस्ट और कंट्रोल लेयर बनना है, जहां यूज़र्स अपनी सभी बैंक्स और UPI ऐप्स की एक्टिविटी को एक ही जगह देख और मैनेज कर सकें।
MyUPI में मिलने वाले मुख्य फीचर्स इस तरह हैं:
- यूनिफाइड व्यू: सभी बैंक्स और UPI ऐप्स के ट्रांज़ैक्शन और AutoPay मैंडेट्स एक ही जगह देखे जा सकेंगे
- Safety Switch: अगर आपको लगता है कि आपका अकाउंट कॉम्प्रोमाइज़ हो गया है, तो आप तुरंत UPI डेबिट ट्रांज़ैक्शन्स को डिक्लाइन करने का रिक्वेस्ट भेज सकते हैं
- UPI नंबर डीलिंक: अपने मोबाइल नंबर को UPI पेमेंट्स रिसीव करने से डीलिंक करने का ऑप्शन
- पेयी कॉन्टेक्स्ट इनफॉर्मेशन: पेमेंट करने से पहले उस व्यक्ति या बिज़नेस के बारे में ज़्यादा जानकारी मिलेगी, जिससे फ्रॉड की संभावना कम होगी
- ऑटोमेटेड चार्जबैक प्रोसेसिंग: एलिजिबल ट्रांज़ैक्शन्स के लिए रियल-टाइम चार्जबैक जनरेट होगा, जिससे कंप्लेंट रिज़ॉल्यूशन टाइम काफी कम हो जाएगा
- ट्रांज़ैक्शन रीप्ले: किसी भी UPI ऐप के ज़रिए पुराने ट्रांज़ैक्शन को दोबारा रिपीट करने की सुविधा
इसके अलावा MyUPI 24×7 मल्टीलिंगुअल सपोर्ट भी देगा, यानी यूज़र्स अपनी भाषा में, किसी भी समय, कॉमन UPI समस्याओं को खुद सॉल्व कर सकेंगे।
Safety Switch क्यों है सबसे ज़्यादा काम का फीचर?
इन सभी फीचर्स में Safety Switch शायद सबसे प्रैक्टिकल और ज़रूरी है। अभी तक अगर किसी का UPI अकाउंट कॉम्प्रोमाइज़ हो जाता था, तो पेमेंट रोकने के लिए बैंक को कॉल करना, कस्टमर केयर से बात करना, या ऐप में कई स्टेप्स फॉलो करना पड़ता था, जिसमें कीमती समय बर्बाद हो जाता था। Safety Switch के साथ, अब सिर्फ एक टैप में UPI डेबिट ट्रांज़ैक्शन्स को रोका जा सकता है, जो फ्रॉड की सूरत में पैसे बचाने का एक फास्ट और सीधा तरीका बन सकता है।
कब से मिलेंगे ये फीचर्स?
ध्यान रखने वाली बात ये है कि ये दोनों फीचर्स तुरंत हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। रोलआउट धीरे-धीरे होगा। NPCI साल भर में शॉप्स की POS मशीनों को सर्टिफाई करेगा, ताकि वो Tap & Pay के लिए तैयार हो सकें। वहीं यूज़र्स के फोन पर मौजूद UPI ऐप्स (जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm) को भी आने वाले महीनों में अपडेट्स के ज़रिए ये फीचर्स मिलेंगे। तो शुरुआत में सभी दुकानों या सभी ऐप्स पर ये फीचर्स एक साथ नहीं दिखेंगे, बल्कि धीरे-धीरे ये मिलेंगे।
Quick Reference Table
| फीचर | क्या करता है | लिमिट/डिटेल |
|---|---|---|
| Tap & Pay | NFC फोन टैप करके POS पर पेमेंट | इंटरनेट POS मशीन से इस्तेमाल होता है |
| PIN-फ्री पेमेंट | ₹5,000 तक बिना PIN के पेमेंट | ₹5,000 से ऊपर PIN ज़रूरी |
| MyUPI यूनिफाइड व्यू | सभी बैंक/ऐप्स के ट्रांज़ैक्शन एक जगह | AutoPay मैंडेट्स भी शामिल |
| Safety Switch | एक टैप में UPI डेबिट रोकना | कॉम्प्रोमाइज़ अकाउंट के लिए |
| UPI नंबर डीलिंक | मोबाइल नंबर को पेमेंट रिसीविंग से हटाना | प्राइवेसी कंट्रोल |
| पेयी इंफॉर्मेशन | पेमेंट से पहले बेनिफिशियरी की जानकारी | फ्रॉड रोकने में मददगार |
| ऑटोमेटेड चार्जबैक | तेज़ चार्जबैक प्रोसेसिंग | रियल-टाइम प्रोसेसिंग |
| ट्रांज़ैक्शन रीप्ले | पुराना ट्रांज़ैक्शन दोबारा करना | किसी भी UPI ऐप से काम करता है |
| सपोर्ट | 24×7 मल्टीलिंगुअल हेल्प | सेल्फ-सर्विस भी उपलब्ध |
| रोलआउट | धीरे-धीरे, आने वाले महीनों में | ऐप अपडेट्स और मशीन सर्टिफिकेशन पर निर्भर |
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ये बदलाव क्यों मायने रखते हैं
भारत में डिजिटल पेमेंट्स का इस्तेमाल जिस रफ्तार से बढ़ा है, उसे देखते हुए ये दोनों अपडेट काफी सही लगते हैं। Tap & Pay छोटी दुकानों और कमज़ोर नेटवर्क वाली जगहों पर पेमेंट को तेज़ और आसान बनाएगा, जबकि PIN-फ्री लिमिट रोज़मर्रा की छोटी खरीदारी को झंझट-मुक्त बना देगी। दूसरी तरफ, MyUPI खासकर उन यूज़र्स के लिए फायदेमंद है जो कई बैंक अकाउंट्स और कई UPI ऐप्स इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अभी तक इन सभी की जानकारी अलग-अलग जगहों पर बिखरी होती थी। साथ ही, बढ़ते UPI फ्रॉड केसेज़ को देखते हुए, Safety Switch जैसा इंस्टेंट कंट्रोल फीचर एक ज़रूरी सेफ्टी नेट साबित हो सकता है।
बॉटम लाइन
UPI Tap & Pay और MyUPI, दोनों मिलकर भारत के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को अगले लेवल पर ले जाने की तरफ एक बेहतर कदम हैं, एक तरफ पेमेंट को तेज़ और इंटरनेट-इंडिपेंडेंट बनाकर, दूसरी तरफ यूज़र्स को अपने पैसों पर ज़्यादा कंट्रोल और सेफ्टी देकर। ये फीचर्स रातोंरात हर जगह नहीं दिखेंगे, रोलआउट में कुछ महीने लग सकते हैं, लेकिन एक बार पूरी तरह लागू होने के बाद, ये UPI इस्तेमाल करने के तरीके को काफी हद तक बदल सकते हैं। खासकर Safety Switch और PIN-फ्री टैप पेमेंट, ये दोनों फीचर्स डेली यूज़ में सबसे ज़्यादा फर्क ला सकते हैं।
आपको इन दोनों फीचर्स में से कौन सा ज़्यादा बेहतर लगा, टैप करके पेमेंट या Safety Switch वाला फ्रॉड प्रोटेक्शन? हमें कमेंट में ज़रूर बताइए। टेक्नोलॉजी और डिजिटल पेमेंट्स से जुड़ी हर बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Tech Signal के साथ जुड़े रहिए।
